शाहरुख खान के काम गद्दार जैसे, देश विरोधी कृत्य रहे-कोई चरित्र नहीं है : स्वामी रामभद्राचार्य
KKR में बांग्लादेशी क्रिकेटर को शामिल करने पर विवाद बढ़ा। स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान पर तीखा हमला बोला। बयान के बाद खेल और राजनीति आमने-सामने हैं।
- शाहरुख खान पर स्वामी रामभद्राचार्य का तीखा हमला
- KKR में बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल करने पर विवाद
- IPL में खेल और राजनीति आमने-सामने
आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को टीम में शामिल किए जाने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने अभिनेता और KKR के सह-मालिक शाहरुख खान पर बेहद तीखा हमला बोला है।
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय लीग आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करना उचित नहीं है। उन्होंने शाहरुख खान की भूमिका और निर्णयों पर सवाल खड़े करते हुए कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया।
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं और उनका कोई चरित्र नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शाहरुख खान के काम गद्दार जैसे रहे हैं और उनके कृत्य हमेशा देश विरोधी रहे हैं। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
इससे पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर भी इस मामले में नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर ने KKR द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर सवाल उठाते हुए टीम के बहिष्कार की चेतावनी तक दी थी।
विवाद की आंच मध्य प्रदेश के उज्जैन तक भी पहुंची। वहां कुछ धार्मिक नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खेलने दिया गया, तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इन बयानों में मुस्तफिजुर रहमान के साथ-साथ शाहरुख खान को भी निशाने पर लिया गया।
मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश क्रिकेट टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं और वे अपनी कटर गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। KKR मैनेजमेंट ने उन्हें टीम की रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शामिल किया है, ताकि गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिल सके।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक न तो KKR मैनेजमेंट, न ही मुस्तफिजुर रहमान और न ही शाहरुख खान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। फ्रेंचाइजी की चुप्पी के बीच मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
यह विवाद एक बार फिर खेल और राजनीति के टकराव को उजागर करता है। आईपीएल जैसे वैश्विक मंच पर खिलाड़ियों का चयन आमतौर पर प्रदर्शन और रणनीति के आधार पर होता है, लेकिन इस बार मामला राष्ट्रीय और भावनात्मक बहस का रूप ले चुका है।
Akhil Mahajan