नशीला जूस देकर ससुर ने किया रे*प, कुल्हाड़ी-कैंची से जानलेवा हमला, पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल पति समेत तीन पर मामला दर्ज
यमुनानगर की महिला ने पति, ससुर और सास पर दहेज उत्पीड़न, नशीला पदार्थ देकर रेप और जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
• यमुनानगर की महिला ने पति, ससुर और सास पर रेप, जानलेवा हमला और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए
• ससुर पर नशीला पदार्थ देकर बलात्कार करने का आरोप, पति पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल
• कुल्हाड़ी–कैंची से हमला, बच्चों को बंधक जैसा रखा; तीनों पर FIR दर्ज
यमुनानगर जिले की एक महिला ने अपने पति, ससुर और सास पर अत्याचार, दहेज मांग, प्रताड़ना, मारपीट से लेकर बलात्कार तक के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक यमुनानगर को दी शिकायत में बताया कि उसके ससुर ने कई मौकों पर उससे छेड़छाड़ की और नशीला पदार्थ देकर उसका यौन शोषण किया। थाना छप्पर पुलिस ने महिला की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता की शादी 2 सितंबर 2018 को पंजाब के पटियाला जिले के गांव जब्बो माजरा निवासी संदीप कुमार से हुई थी, जो पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल है। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज को लेकर ताने मारने शुरू कर दिए और बार-बार 10 लाख की कार, सोने की चेन और टॉप्स की मांग करते रहे।
उसने बताया कि ससुर पूर्ण चंद, जो पंजाब पुलिस से रिटायर्ड होने के साथ मौजूदा सरपंच भी है, घर में अकेले रहने के बहाने उसके साथ अभद्र व्यवहार करता था। फरवरी 2025 में जब सास घर पर नहीं थी, तो ससुर ने जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और उसका बलात्कार किया।
पीड़िता ने बताया कि जब उसने यह बात सास को बताई, तो उसने बदनामी का डर दिखाकर उसे चुप रहने को कहा। पति से शिकायत की तो उसने ही चरित्र पर सवाल उठाते हुए पीड़िता से मारपीट की।
सबसे गंभीर घटना 6 अक्टूबर 2025 को हुई, जब पति ड्यूटी पर था और सास जानबूझकर बाहर चली गई। ससुर ने दोबारा जबरदस्ती का प्रयास किया। विरोध करने पर उसे जमीन पर पटक दिया, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसकी पिटाई की। शाम को पति के लौटने पर तीनों ने मिलकर कुल्हाड़ी, डंडे और कैंची से हमला किया। पीड़िता के बाल काट दिए, गहने छीन लिए और गला घोंटने की कोशिश भी की।
महिला का आरोप है कि पुलिस के आने पर मामला दबाने के लिए आरोपियों ने उसे अस्पताल जरूर ले जाया, लेकिन वहां उसका मेडिकल नहीं करवाया और थाने में खाली कागजों पर जबरन साइन करवा लिए।
पीड़िता किसी अनजान व्यक्ति के फोन से अपने मायके वालों को सूचना देने में सफल हुई और 9 अक्टूबर को सरस्वती नगर के सीएचसी में मेडिकल कराया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई पाई गईं। उसके दो छोटे बेटे हरमन और युवराज अभी भी ससुराल पक्ष के पास हैं और उन्हें वापस करने से आरोपी इंकार कर रहे हैं।
थाना छप्पर पुलिस ने पति संदीप कुमार, ससुर पूर्ण चंद और सास शांति देवी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी के अनुसार, जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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