दहेज में कार न देने पर विवाहिता की कत्‍ल, शर्मसार करने वाली घटना

फरीदाबाद के दौलताबाद गांव में दहेज में कार न देने पर 24 वर्षीय विवाहिता प्रीति की हत्या कर दी गई। शादी को डेढ़ साल हुआ था। पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, चार ससुरालवाले फरार हैं।

दहेज में कार न देने पर विवाहिता की कत्‍ल, शर्मसार करने वाली घटना

दौलताबाद गांव में दहेज में कार न देने पर विवाहिता की हत्या
24 वर्षीय प्रीति की शादी को डेढ़ साल ही हुआ था
पति धर्मेंद्र गिरफ्तार, चार अन्य ससुरालवाले फरार


ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र के गांव दौलताबाद में दहेज में कार न देने पर विवाहिता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका की पहचान 24 वर्षीय प्रीति के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले धर्मेंद्र कुमार नामक युवक से हुई थी। मायके पक्ष ने पति धर्मेंद्र, ससुर वेदराम, सास मोगन देवी, जेठ मानसिंह और जेठानी सुनीता पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

प्रीति के पिता वीरेंद्र सिंह, निवासी गांव सुरीरकला (मथुरा, उत्तर प्रदेश) ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने बेटी की शादी में अपनी हैसियत से अधिक 10 से 11 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी में सोना, कपड़े और अन्य सामान देने के बावजूद ससुराल वाले कार की मांग पर अड़े रहे और बेटी को लगातार प्रताड़ित करते रहे।

पिता ने बताया कि जब प्रीति कुछ दिन के लिए मायके आई थी, तब उसने बताया था कि उसका पति धर्मेंद्र, जेठ, सास, ससुर और जेठानी मिलकर उसे मारते-पीटते और कार न लाने पर ताने देते हैं। धर्मेंद्र कहता था कि “जब तक तुम्हारे घरवाले मुझे कार नहीं देंगे, तब तक मैं तुम्हें अपने घर नहीं रखूंगा।”

प्रीति ने अपनी शादी के कुछ महीने बाद ही एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन इसके बावजूद उसकी तकलीफ़ें खत्म नहीं हुईं। पिता वीरेंद्र ने बताया कि दामाद धर्मेंद्र ने बच्ची के जन्म के बाद फोन कर धमकी दी थी कि “अगर एक लाख रुपये नहीं दोगे तो प्रीति का इलाज नहीं कराऊंगा।” इस पर उन्होंने 20 हजार रुपये नकद और कई बार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए। बैंक ट्रांजेक्शन के अनुसार 3 फरवरी को ₹9999, 22 मई को ₹20,000 और 6 अक्टूबर को ₹5000 धर्मेंद्र के खाते में भेजे गए थे।

फिर भी दहेज की मांग बढ़ती गई। आरोप है कि 30 अक्टूबर की रात धर्मेंद्र, ससुर वेदराम, जेठ मानसिंह, सास मोगन देवी और जेठानी सुनीता ने मिलकर प्रीति के साथ निर्ममता से मारपीट की। अगले दिन जब उनका बेटा बेटी से मिलने गया तो घर में झगड़ा हुआ देखा, और फिर प्रीति का फोन बंद हो गया।

2 नवंबर की रात करीब तीन बजे वीरेंद्र सिंह को सूचना मिली कि उनकी बेटी की हत्या हो गई है। जब वे सुबह सिविल अस्पताल पहुंचे तो देखा कि प्रीति का शव पोस्टमार्टम के लिए रखा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और पति धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया। बाकियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर मामला दहेज हत्या के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करेगी। यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज की कुप्रथा और घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर सामने लाती है।