पंजाब यूनिवर्सिटी में पहली बार एबीवीपी का प्रेसिडेंट, CM नायब सैनी से आज मुलाकात
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पहली बार एबीवीपी ने प्रेसिडेंट पद जीता। गौरव वीर सोहल की हरियाणा CM नायब सैनी से मुलाकात ने राजनीतिक अटकलें तेज कर दी हैं। इसका असर 2027 के पंजाब चुनावों पर पड़ सकता है।
➤ एबीवीपी पहली बार पंजाब यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट पद पर काबिज
➤ प्रेसिडेंट गौरव वीर सोहल की हरियाणा CM नायब सैनी से मुलाकात
➤ 2027 पंजाब चुनावों पर पड़ सकता है असर
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति का बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहली बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), जो भारतीय जनता पार्टी का छात्र संगठन है, ने प्रेसिडेंट पद पर जीत दर्ज की है। गौरव वीर सोहल इस बार एबीवीपी के पहले प्रेसिडेंट बने हैं। इससे पहले संगठन ने जॉइंट सेक्रेटरी जैसे पद जरूर जीते थे, लेकिन प्रेसिडेंट का पद उनके लिए पहली सफलता है।
जीत के तुरंत बाद गौरव वीर सोहल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़ी रणनीतियों और संभावित बदलावों पर चर्चा होने की संभावना है। गौरव वीर ने कहा कि वह लंबे समय से ग्राउंड पर काम कर रहे थे, छात्रों से मिल रहे थे और उनकी समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने छात्रों को केंद्र सरकार की नीतियों से भी अवगत कराया और कहा कि अब पंजाब यूनिवर्सिटी में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
राजनीतिक हलकों में यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है। क्योंकि हरियाणा लंबे समय से पंजाब यूनिवर्सिटी पर अपना हक जताता रहा है और अब चुनाव जीतने के तुरंत बाद हरियाणा CM से मुलाकात यह संकेत देती है कि कहीं इस जीत की रणनीति के पीछे हरियाणा का भी दिमाग तो नहीं।
पंजाब यूनिवर्सिटी हमेशा से पंजाब और हरियाणा दोनों के लिए अहम रही है। यहां ज्यादातर छात्र पंजाब से आते हैं और कई बड़े राजनीतिक नेता भी इस कैंपस से निकले हैं। इसलिए यहां की राजनीति का असर पंजाब की राजनीति पर भी पड़ता है। अब जब एबीवीपी प्रेसिडेंट बनी है, तो माना जा रहा है कि इसका प्रभाव 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है।