अकील की मौत में नया मोड़ — दाएं हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान, पूर्व DGP पिता समेत परिवार पर केस है दर्ज

हरियाणा के पंचकूला में पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का रहस्य गहराया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिरिंज का निशान मिलने से शक गहराया, जबकि परिवार पर हत्या की एफआईआर दर्ज। SIT जांच में जुटी।

अकील की मौत में नया मोड़ — दाएं हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान, पूर्व DGP पिता समेत परिवार पर केस है दर्ज

पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत पर नया खुलासा
पोस्टमॉर्टम में सिरिंज का निशान मिला, ड्रग्स इंजेक्शन पर बढ़ा संदेह
माता-पिता समेत परिवार के खिलाफ हत्या और साजिश का मुकदमा दर्ज



हरियाणा के पंचकूला में पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एक अहम खुलासा हुआ है—अकील के शरीर पर दाहिनी कोहनी से 7 सेंटीमीटर ऊपर एक सिरिंज का निशान मिला है। इस निशान ने जांच एजेंसियों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, अकील के ड्रग्स एडिक्शन की बात तो पहले ही सामने आ चुकी थी, लेकिन इंजेक्शन से नशा करने की बात अभी तक प्रमाणित नहीं हुई थी। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से इंजेक्शन के ज़रिए नशा करता है, तो उसके शरीर पर ऐसे कई निशान मिलते हैं। मगर अकील के शरीर पर केवल एक निशान होना यह दर्शाता है कि या तो यह उसका पहला प्रयास था या फिर किसी और ने इंजेक्शन लगाया।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नशे के इंजेक्शन का इस्तेमाल करने वाले अधिकतर लोग शुरुआत में बाएं हाथ पर इंजेक्शन लगाते हैं, क्योंकि यह आसान होता है। बाद में जब बाएं हाथ पर निशान बढ़ जाते हैं, तब वे दाएं हाथ पर लगाना शुरू करते हैं। ऐसे में दाहिने हाथ पर एक ही निशान मिलना यह दर्शाता है कि अकील संभवतः आदी नहीं था, या यह इंजेक्शन उसने खुद नहीं लगाया।

अकील अख्तर (35) की मौत 16 अक्टूबर की देर रात सेक्टर-4 पंचकूला स्थित उनके घर में हुई थी। परिवार ने बताया कि वह घर में बेसुध पड़ा मिला था। जब उसे सेक्टर-6 सिविल अस्पताल ले जाया गया, तब डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार ने प्रारंभिक बयान में दवाओं की ओवरडोज़ की संभावना जताई थी। अगले दिन शव को सहारनपुर के हरडा गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

17 अक्टूबर को पंजाब के मलेरकोटला निवासी शमशुद्दीन ने पंचकूला पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अकील की मौत हत्या है, न कि ओवरडोज़। शमशुद्दीन ने बताया कि 27 अगस्त को अकील ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने अपने पिता मोहम्मद मुस्तफा पर अपनी पत्नी से अवैध संबंध रखने और हत्या की साजिश का आरोप लगाया था।

20 अक्टूबर को पंचकूला के मनसा देवी थाने में शमशुद्दीन की शिकायत पर पूर्व DGP मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, बेटी और पुत्रवधू के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया। इसके साथ ही ACP विक्रम नेहरा की अगुवाई में एक SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई गई। इस टीम में इंस्पेक्टर पृथ्वी, PSI पूजा, SI प्रकाश और साइबर एक्सपर्ट PSI रामास्वामी को शामिल किया गया।

21 अक्टूबर को SIT ने शिकायतकर्ता शमशुद्दीन से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। शमशुद्दीन ने बताया कि वह रजिया सुल्ताना के मायके मलेरकोटला के पड़ोसी हैं और परिवार को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने इसे फैमिली मैटर मानकर हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन अकील की मौत के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पुलिस को वीडियो सबूत सौंपे।

इस मामले में अब तीन बड़े सवाल पुलिस जांच पर उठ रहे हैं —
पहला, पूर्व DGP मुस्तफा के घर पर अभी तक तलाशी नहीं हुई। पुलिस ने संपर्क किया लेकिन मुस्तफा ने खुद को सहारनपुर में बताया।
दूसरा, वह डायरी जो अकील ने वीडियो में दिखाई थी और जिसे उसने “सुसाइड नोट” कहा था, अब तक बरामद नहीं हुई
तीसरा, घटना वाले दिन घर में क्या हुआ, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है, जबकि वहां पंजाब पुलिस का पहरा रहता था।

मुस्तफा परिवार का राजनीतिक इतिहास भी इस केस को और चर्चित बना रहा है। मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के IPS अधिकारी रहे और कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते थे। बाद में मतभेद बढ़े तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना दो बार विधायक और एक बार मंत्री रह चुकी हैं। उनकी पुत्रवधू भी कुछ वर्ष पहले पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन रह चुकी हैं।

अब जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, वीडियो सबूत, सिरिंज निशान और डायरी के गायब होने जैसी कड़ियाँ सामने आ रही हैं, पंचकूला पुलिस पर दबाव है कि वह इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करे।