50 लाख रूपये की रिश्वत मांगने पर पार्षद पर केस दर्ज, हैरान कर देगा हरियाणा का ये मामला
चीका नगरपालिका में उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। विजिलेंस विभाग ने पार्षद जितेंद्र के खिलाफ 50 लाख रुपये मांगने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
➤चीका नगरपालिका उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में रिश्वत मांगने का मामला
➤वार्ड 14 के पार्षद जितेंद्र पर 50 लाख रुपये मांगने का आरोप
➤विजिलेंस विभाग ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की
चीका नगरपालिका की राजनीति में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कथित रूप से 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में वार्ड नंबर 8 निवासी विजय कुमार पुत्र सुभाष चंद ने विजिलेंस विभाग अंबाला में लिखित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने वार्ड 14 के पार्षद जितेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विजय कुमार ने बताया कि उसका परिवार ईंट-भट्ठे का व्यवसाय करता है और वह नगरपालिका चेयरपर्सन डॉ. रेखा रानी और उपाध्यक्ष पूजा शर्मा को अपनी बहन समान मानता है। विजय ने कहा कि चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष उस पर नगरपालिका के कई कार्यों की जिम्मेदारी भरोसे से सौंपते हैं।
विजय के अनुसार, हाल के दिनों में नगरपालिका में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। इसी दौरान वार्ड-14 के पार्षद जितेंद्र, वार्ड-12 के पार्षद हरीश बब्बू और वार्ड-9 के पार्षद राजेश ठाकुर ने उससे संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगे और नगरपालिका के विकास कार्यों में सहयोग देंगे, लेकिन इसके बदले उन्होंने 60 लाख रुपये की मांग की।
बातचीत के बाद यह राशि 50 लाख रुपये पर तय हुई और इन पार्षदों ने 6 लाख रुपये अग्रिम देने की शर्त रखी। 23 मार्च 2025 को पार्षद जितेंद्र ने विजय से मुलाकात की और कहा कि पूरी रकम नकद में देनी होगी, किसी को भनक नहीं लगनी चाहिए, वरना वे अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट देंगे।
विजय ने बताया कि उसने पूरी बात डॉ. रेखा रानी और पूजा शर्मा को बताई, जिन्होंने उसे विजिलेंस विभाग से संपर्क करने की सलाह दी। विजय ने विजिलेंस को एक रिकॉर्डिंग क्लिप भी सौंपी है, जिसमें पार्षदों की बातचीत दर्ज है। इसी आधार पर विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू कर दी और वार्ड-14 के पार्षद जितेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
स्थानीय राजनीति में इस खुलासे के बाद भ्रष्टाचार और सियासी सौदेबाजी पर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद के कई सदस्यों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, ताकि जनता का विश्वास नगरपालिका तंत्र में बना रहे।
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