गुरुग्राम में राव नरबीर के जाट-अहीर बयान पर बवाल, कांग्रेस का पलटवार

गुरुग्राम में मंत्री राव नरबीर के जाट-अहीर बयान पर सियासी विवाद बढ़ा। कांग्रेस नेता वर्धन राव ने वोट चोरी, जातीय अपमान और विकास में भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए।

गुरुग्राम में राव नरबीर के जाट-अहीर बयान पर बवाल, कांग्रेस का पलटवार
  • गुरुग्राम में मंत्री राव नरबीर के जाट-अहीर बयान ने विवाद भड़काया

  • कांग्रेस नेता वर्धन राव बोले—वोट चोरी से जीते, एक जाति को अपमानित किया

  • समाज बांटने और क्षेत्रीय विकास में भेदभाव के आरोप लगे


गुरुग्राम में कैबिनेट मंत्री एवं बादशाहपुर विधायक राव नरबीर सिंह द्वारा जाट और अहीर समुदाय को लेकर दिए गए बयान ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। यह बयान गांव हाजीपुर (पातली) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आया। बयान के बाद कांग्रेस ने मंत्री पर तीखा हमला बोला है।

2024 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे वर्धन राव ने आरोप लगाया कि मंत्री जानबूझकर जातिगत विभाजन की राजनीति कर रहे हैं और एक समुदाय को अपमानित कर खुद को अहीर समाज का हितैषी साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्धन राव ने कहा कि मंत्री का इतिहास बताता है कि वह अपने रिश्तेदारों तक के नहीं हुए और आज भी समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।

वर्धन राव ने दावा किया कि मंत्री को अभी भी इस बात की पीड़ा है कि दौलताबाद क्षेत्र में उन्हें वोट कम प्राप्त हुए और कांग्रेस प्रत्याशी को वहां 1200 वोट कैसे मिल गए। राव ने कहा कि 60 हजार वोटों के अंतर से मिली जीत ने मंत्री में अहंकार भर दिया है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राव नरबीर वोट चोरी के सहारे सत्ता में पहुंचे। उनके अनुसार गुरुग्राम क्षेत्र में 74 हजार से ज्यादा वोट चोरी का मामला सामने आया, और मंत्री सिर्फ 60 हजार वोट से जीते। ऐसे में समाज को बांटने वाले बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

अपनी बात में वर्धन राव ने यह भी कहा कि मंत्री केवल अपने गांव और करीबी क्षेत्रों में विकास कार्य करवा रहे हैं, जबकि बादशाहपुर के अधिकांश गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

मंत्री के बयान ने आग में घी का काम किया
कार्यक्रम के दौरान राव नरबीर ने कहा कि उन्होंने दौलताबाद में 15 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए, इसके बावजूद वहां वोट नहीं मिला। उन्होंने टिप्पणी की कि अगर वोट पूर्व विधायक राकेश दौलताबाद की पत्नी को दिए जाते तो बात अलग थी, लेकिन अहीर समुदाय से आने वाले वर्धन राव को 1200 वोट दे दिए गए।

राजनीतिक हलकों में इस बयान को समाज को बांटने वाली टिप्पणी बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।