2200 में वर्दी,500आई कार्ड बनवाकर ई-रिक्शा ड्राइवर बना फर्जी सब इंस्पेक्टर, होटल में पहुंचकर छाड़ने लगा रौब, फंसा

गुरुग्राम में पुलिस ने फर्जी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया। आरोपी टोल टैक्स बचाने और रौब झाड़ने के लिए पुलिस वर्दी और फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहा था।

2200 में वर्दी,500आई कार्ड बनवाकर ई-रिक्शा ड्राइवर बना फर्जी सब इंस्पेक्टर, होटल में पहुंचकर छाड़ने लगा रौब, फंसा

• गुरुग्राम पुलिस ने फर्जी सब इंस्पेक्टर को होटल से पकड़ा
• टोल टैक्स बचाने और रौब झाड़ने के लिए खरीदी थी पुलिस वर्दी
• आरोपी खाटूश्यामजी में ई-रिक्शा चलाता है



हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने एक फर्जी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर होटल में रौब झाड़ रहा था, लेकिन होटल मैनेजर की सतर्कता से उसकी पोल खुल गई। आरोपी की पहचान झज्जर जिले के कसानी गांव निवासी मुकेश कुमार (34) के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के खाटूश्यामजी में किराए पर ई-रिक्शा चलाता है। फ्री में होटल में ठहरने, टोल टैक्स से बचने और लोगों पर पुलिस का रौब जमाने के लिए उसने यह तरीका अपनाया।

आरोपी ने 2200 रुपए में सब इंस्पेक्टर की वर्दी दिल्ली के झाड़ौदा कलां से सिलवाई थी। इसके अलावा 500 रुपए में फर्जी SPO का आईकार्ड भी बनवाया गया था। वह इसी वर्दी और आईडी के सहारे सफर करता था।

17 जनवरी को आरोपी सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक होटल में पहुंचा। उसने आधार कार्ड दिखाकर कमरा लिया। बाद में कमरे को लेकर अनावश्यक सवाल पूछने लगा, जिससे होटल मैनेजर को शक हुआ। जब पुलिस को बुलाया गया तो आरोपी घबरा गया और भागने की कोशिश की, लेकिन स्टाफ ने पकड़ लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, फर्जी SPO आईकार्ड और सब इंस्पेक्टर की वर्दी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ फर्जीवाड़ा और पुलिस की पहचान का दुरुपयोग करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।