सोना-चांदी हुआ सस्ता, जानें कितने गिरे दाम, लेकिन निवेशक रहें सावधान
सोना और चांदी के दामों में तेजी के बाद गिरावट शुरू, सोना 7,520 और चांदी 1,051 रुपए सस्ता। फेस्टिवल के बाद कम हुई डिमांड और अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में ढील मुख्य कारण।
➤ सोना-चांदी के दामों में तेजी के बाद गिरावट शुरू, सोने में 7,520 और चांदी में 1,051 रुपए की कमी
➤ सोने का ऑल टाइम हाई 17 अक्टूबर को 1,30,874 रुपए था, चांदी का 14 अक्टूबर को 1,78,100 रुपए
➤ गिरावट के पीछे फेस्टिवल के बाद कम हुई डिमांड, अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में ढील और प्रॉफिट-टेकिंग
सोना और चांदी के भारी उछाल के बाद अब बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी की कीमत आज 1,051 रुपए गिरकर 1,51,450 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। 14 अक्टूबर को चांदी का भाव 1,78,100 रुपए तक पहुंचा था, यानी इसमें अब तक 26,650 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 553 रुपए घटकर 1,23,354 रुपए पर आ गया है। सोने ने 17 अक्टूबर को 1,30,874 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। इस दौरान सोने में 7,520 रुपए की गिरावट हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट के पीछे मुख्य कारण हैं:
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भारत में सीजनल बाइंग का खत्म होना: दीवाली जैसे त्यौहारों के बाद सोना-चांदी की खरीदारी में कमी आई है।
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अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में ढील: सोना-चांदी को 'सेफ-हेवन' माना जाता है। अमेरिका और चीन के बीच आगामी मीटिंग से ट्रेड वॉर की चिंता कम हुई है।
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प्रॉफिट-टेकिंग और ओवरबॉट सिग्नल: रैली के बाद निवेशक अपने मुनाफे को बुक कर रहे हैं। तकनीकी इंडिकेटर्स जैसे RSI संकेत दे रहे थे कि कीमतें ओवरबॉट जोन में पहुंच गई थीं।
इस साल सोने की कीमत में 47,192 रुपए और चांदी में 65,433 रुपए की वृद्धि देखी गई है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना 76,162 रुपए था, जो अब 1,23,354 रुपए पर पहुंच गया। इसी तरह, चांदी का भाव 86,017 रुपए से बढ़कर 1,51,450 रुपए प्रति किलो हो गया।
सोना खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:
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सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना लें। हॉलमार्क में अल्फान्यूमेरिक कोड होगा, जैसे AZ4524।
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कीमत क्रॉस चेक करें: 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है, इसलिए खरीदते समय विभिन्न सोर्सेज से कीमत चेक करें।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को चेताया है कि गिरावट के बावजूद सावधानी जरूरी है। पिछले इतिहास में जैसे 1980 में हंट ब्रदर्स के कारण चांदी का क्रैश आया था, वैसी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही निवेश करें।
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