हरियाणा में बदमाशों का एनकाउंटर: ASI पर गोलियां बरसा कर भाग रहे गैंगस्‍टर्स, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में गोली लगी, दूसरे की हड्डी टूटी

गुरुग्राम में हथियार बरामदगी के दौरान बदमाशों ने ASI पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे का पैर टूट गया। दोनों घायल अस्पताल में भर्ती हैं।

हरियाणा में बदमाशों का एनकाउंटर: ASI पर गोलियां बरसा कर भाग रहे गैंगस्‍टर्स, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में गोली लगी, दूसरे की हड्डी टूटी
  • ASI पर फायरिंग कर भागने की कोशिश करते बदमाशों का एनकाउंटर
  • एक आरोपी के पैर में गोली लगी दूसरे का पैर टूटा
  • टोल प्लाजा फायरिंग केस में हुए थे गिरफ्तार

गुरुग्राम में शुक्रवार देर रात पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों का पुलिस एनकाउंटर हो गया। इस कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी का भागते समय पैर टूट गया। दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी घटना उस वक्त हुई जब पुलिस टीम टोल प्लाजा पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को हथियार बरामदगी के लिए घटनास्थल पर लेकर गई थी।

पुलिस के अनुसार, सेक्टर-65 क्राइम यूनिट की टीम आरोपी विनय, बॉबी और पवन को गांव पुराना बहरामपुर के पहाड़ी इलाके में लेकर पहुंची थी। जांच के दौरान आरोपी विनय ने बताया कि उसने वहां एक लोडेड हथियार छुपा रखा है। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने उसी हथियार से अचानक पुलिस पर फायरिंग कर दी। गोली पुलिस टीम में शामिल ASI मनमोहन की छाती की ओर चलाई गई, लेकिन वे बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जिससे उनकी जान बच गई।

ASI पर फायरिंग के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए पहले आरोपी को चेतावनी दी, लेकिन जब आरोपी ने फायरिंग जारी रखी तो पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान चली गोली आरोपी विनय के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल घायल आरोपी को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

इसी दौरान दूसरे आरोपी बॉबी को भौंडसी क्षेत्र में हथियार बरामदगी के लिए पुलिस वाहन से उतारा गया। जैसे ही वह नीचे उतरा, वह पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन असंतुलित होकर गिर गया। गिरने से उसके पैर में गंभीर चोट आई और उसकी हड्डी टूट गई। पुलिस ने उसे भी तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर ASI मनमोहन ने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी होती, तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। तीसरा आरोपी पवन फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि तीनों आरोपी 28 जनवरी को कादरपुर गांव में फायरिंग और धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। आरोपियों ने राहुल, रोहित और गोकुल के घर पर 8 से 10 राउंड फायर किए थे और जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने धामडौज टोल प्लाजा पर भी शुल्क न देने पर फायरिंग की थी। यह पूरी वारदात CCTV कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था।