हरियाणा में महिलाएं परीक्षाओं में मंगलसूत्र पहन सकेंगी:सिख छात्रों को कृपाण ले जाने की छूट

हरियाणा सरकार ने परीक्षाओं में विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र और सिख छात्रों को तय साइज की कृपाण पहनने की अनुमति दी। सुरक्षा और समय से जुड़ी शर्तें भी लागू होंगी।

हरियाणा में महिलाएं परीक्षाओं में मंगलसूत्र पहन सकेंगी:सिख छात्रों को कृपाण ले जाने की छूट
  • हरियाणा में परीक्षाओं में महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति
  • सिख छात्रों को तय साइज की कृपाण ले जाने की छूट
  • सरकार ने सुरक्षा और समय से जुड़ी शर्तें भी लागू कीं


हरियाणा सरकार ने परीक्षाओं के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर और सिख छात्र कृपाण धारण कर परीक्षा दे सकेंगे। सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह छूट सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं पर लागू होगी। हालांकि, इसके साथ सुरक्षा और जांच से जुड़ी कुछ शर्तें भी अनिवार्य की गई हैं।

आदेश के अनुसार, सिख अभ्यर्थी केवल 9 इंच (22.86 सेमी) लंबाई और 6 इंच (15.24 सेमी) तक ब्लेड वाली कृपाण ही ले जा सकेंगे। कृपाण धारण करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा समय से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया जाएगा।

वहीं, विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति तो दी गई है, लेकिन उन्हें परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा, ताकि जांच प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

सरकारी आदेश में सभी प्रशासनिक सचिवों से कहा गया है कि वे अपने अधीन आने वाले विभागों, बोर्डों और निगमों के प्रमुखों को निर्देश जारी करें। इसके तहत परीक्षा कर्मचारियों, पर्यवेक्षकों और सुरक्षा कर्मियों को इस फैसले की जानकारी पहले से दी जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा न हो।

सरकार ने अपने फैसले के पीछे तर्क दिया है कि परीक्षाओं के दौरान सिख छात्रों और विवाहित महिलाओं को बार-बार कृपाण और मंगलसूत्र को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के कई फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि परीक्षाओं के सुचारू संचालन के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। इन्हीं न्यायिक निर्णयों के आधार पर सरकार ने यह कदम उठाया है।