दिवाली से पहले हरियाणा में बढ़ा प्रदूषण, गुरुग्राम में AQI 500 तक पहुंचा
दिवाली से पहले हरियाणा में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। गुरुग्राम का AQI 500 तक पहुंच गया, जबकि एनसीआर में GRAP-1 लागू है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 अक्टूबर तक मौसम खुश्क और साफ रहेगा।
➤ हरियाणा में बढ़ा प्रदूषण, दिवाली से पहले हवा फिर हुई जहरीली
➤ गुरुग्राम में AQI 500 पार, बहादुरगढ़ और नारनौल में भी खराब स्थिति
➤ एनसीआर में GRAP-1 लागू, 22 अक्टूबर तक मौसम रहेगा खुश्क
हरियाणा में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सुबह के समय स्मॉग की चादर हरियाणा एनसीआर के कई इलाकों में फैलने लगी है। शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-51 में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 तक पहुंच गया, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। हालांकि शहर का औसत एक्यूआई 258 दर्ज किया गया।
गुरुग्राम इस समय हरियाणा के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जा रहा है। इसके अलावा बहादुरगढ़ और नारनौल में भी हवा की गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में रही। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते राज्य में रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है, जबकि सुबह के समय ठंडक महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, नारनौल में न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस, हिसार में 17.7 डिग्री, और गुरुग्राम में 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के सात शहर ऐसे रहे जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से कम रहा। वहीं, दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
22 अक्टूबर तक मौसम रहेगा खुश्क
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 22 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। शनिवार को नूंह जिला सबसे गर्म रहा, जहां पारा 34 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP-1 लागू
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण एनसीआर में लागू किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आदेश जारी कर कहा है कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
ग्रैप के पहले चरण में धूल नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध, और वाहनों की नियमित जांच जैसी कार्रवाई की जाती है। इसके तहत सड़कों पर पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। हालांकि GRAP-1 लागू हुए चार दिन हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो दिवाली के बाद हालात और खराब हो सकते हैं।
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