हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार केस:SIT की आज चीफ सेक्रेटरी से पूछताछ
IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में SIT ने जांच तेज कर दी है। सुसाइड नोट में नामजद अफसरों के बयान लिए जा रहे हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को बयान के लिए तलब किया गया है।
• IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में SIT ने जांच तेज की
• हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी SIT के सामने पेश होंगे
• सुसाइड नोट में नामजद अफसरों के बयान लगातार दर्ज
हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने मामले में सक्रियता बढ़ा दी है। सुसाइड नोट में जिन आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के नाम सामने आए थे, उनके बयान दर्ज करने का सिलसिला तेज कर दिया गया है।
इसी कड़ी में सोमवार को हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। इससे पहले शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी एसआईटी ने उनसे बातचीत की थी। इस दौरान कुछ सवालों को लेकर बातचीत तीखी होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद एसआईटी ने मुख्य सचिव को पुलिस हेडक्वार्टर बुलाने का फैसला लिया।
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्य सचिव से पूछताछ की जा रही हो। इससे पहले भी चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी टीम हरियाणा सिविल सचिवालय जाकर अनुराग रस्तोगी से मुलाकात कर चुकी है। उस दौरान केस से जुड़े कई अहम सवाल पूछे गए थे और जरूरी दस्तावेज भी मांगे गए थे। एसआईटी की टीम करीब 20 मिनट से अधिक समय तक सचिवालय में मौजूद रही थी।
आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस को अब करीब 70 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक एसआईटी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। देरी को लेकर एसआईटी ने कोर्ट में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि सुसाइड नोट में नामजद अफसरों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने में समय लगा है।
एसआईटी के मुताबिक अब तक करीब 40 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें करनाल पुलिस स्टेशन के कई पुलिसकर्मी, विभागीय कर्मचारी और कुछ बाहरी गवाह शामिल हैं। एसआईटी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही दोबारा कोर्ट में पेश होकर इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी से पहले एसआईटी हरियाणा के आईपीएस संजय कुमार और आईपीएस अमिताभ ढिल्लों से पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा आईजी शिवाश कविराज, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल और मनोज यादव के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। सुसाइड नोट में करीब 15 अधिकारियों के नाम सामने आए थे, जिनमें कई सीनियर अधिकारी शामिल हैं। इन पर आईपीएस वाई पूरन कुमार ने जातिवाद के आधार पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
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