बठिंडा कोर्ट ने खारिज की याचिका, कंगना को व्यक्तिगत रूप से 27 अक्टूबर को पेश होना होगा
बठिंडा कोर्ट ने किसान आंदोलन पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस में कंगना रनोट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पेशी याचिका खारिज कर दी। अब उन्हें 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
➤ बठिंडा कोर्ट ने कंगना रनोट की याचिका खारिज की
➤ अब 27 अक्टूबर को खुद कोर्ट में होना होगा पेश
➤ किसान आंदोलन में बुजुर्ग महिला पर टिप्पणी से जुड़ा मामला
हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट को पंजाब की बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन के दौरान किए गए विवादित बयान से जुड़े मानहानि केस में कंगना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। अब कंगना को 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा।
यह मामला वर्ष 2021 का है, जब किसान आंदोलन अपने चरम पर था। उस दौरान कंगना ने एक बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि किसान आंदोलन में महिलाएं 100 रुपए लेकर शामिल होती हैं। इस टिप्पणी में उन्होंने यह भी कहा था कि बुजुर्ग महिला वही हैं, जिन्हें टाइम मैग्जीन ने भारत की पावरफुल महिला के रूप में फीचर किया था। इस बयान ने विवाद खड़ा कर दिया था।
महिंदर कौर ने इसे अपनी मानहानि बताते हुए 4 जनवरी 2021 को कंगना के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान कंगना ने पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें कहीं से राहत नहीं मिली। अब कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी के आदेश दिए हैं।
महिंदर कौर ने भी उस वक्त कंगना को करारा जवाब देते हुए कहा था कि, “कंगना क्या जानें खेती क्या होती है। उसने मेरे ऊपर झूठा आरोप लगाया है। मुझे 100 रुपए से क्या करना है? खेतों में इतना काम है कि ऐसे आरोप सुनकर गुस्सा आता है।”
गौरतलब है कि इस विवादित बयान का असर 2024 तक भी दिखा। 6 जून 2024 को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF महिला कांस्टेबल कुलविंदर कौर ने कंगना को थप्पड़ मार दिया था। उसने कारण बताया था कि कंगना ने महिला किसानों को अपमानित किया था और उस धरने में उसकी मां भी शामिल थी। हालांकि इस मामले में महिला कांस्टेबल पर कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
Akhil Mahajan