हरियाणा में धान घोटाला, मिल संचालक- 4 इंस्पेक्टरों पर FIR, 3.54 करोड़ का गबन, 12,659 क्विंटल धान कम पाया गया
करनाल में धान मिलिंग के दौरान बड़ा घोटाला सामने आया है। बटान फूड्स राइस मिल से 12,659 क्विंटल धान गायब मिला जिसकी कीमत करीब 3.54 करोड़ रुपए है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने मिल मालिक और चार मंडी निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
➤ करनाल में धान मिलिंग घोटाला उजागर, 12,659 क्विंटल धान गायब
➤ करीब 3.54 करोड़ रुपए का नुकसान, मिल मालिक समेत चार मंडी इंस्पेक्टरों पर FIR
➤ जांच में फर्जी रिकॉर्ड और स्टॉक में भारी अंतर, प्रशासन में मचा हड़कंप
विस्तृत खबर
हरियाणा के करनाल जिले से धान मिलिंग के दौरान एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग दोनों को हिलाकर रख दिया है। प्रशासन की जांच में पता चला है कि सलारू रोड स्थित मैसर्ज बटान फूड्स राइस मिल को मिलिंग के लिए दी गई धान में 33,759 बैग यानी करीब 12,659 क्विंटल धान कम पाया गया। इस धान की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 54 लाख 46 हजार 936 रुपए आंकी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अनिल कुमार की शिकायत पर राइस मिल संचालक सतीश कुमार सहित चार मंडियों के निरीक्षकों के खिलाफ थाना सदर करनाल में एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें मैसर्ज बटान फूड्स सलारू करनाल के संचालक सतीश कुमार, अनाज मंडी घरौंडा के निरीक्षक यशवीर सिंह, जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, करनाल मंडी के निरीक्षक समीर वशिष्ठ, और निसिंग के निरीक्षक लोकेश शामिल हैं। ये सभी अधिकारी और मिलर उस टीम का हिस्सा थे जिन पर खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान धान आवंटन, ट्रांसपोर्टेशन और भंडारण की निगरानी की जिम्मेदारी थी।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान राइस मिलों को आवंटित धान की भौतिक जांच उच्च अधिकारियों द्वारा कराई गई, जिसमें यह अनियमितता सामने आई। एसडीएम करनाल की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने 25 अक्तूबर 2025 को बटान फूड्स, सलारू की जांच की थी।
रिकॉर्ड के अनुसार, 25 अक्तूबर तक राइस मिल को 67,013 बैग पीआर धान (25,129.87 क्विंटल) अलॉट की गई थी। जांच के दौरान मिल परिसर में 33,254 बैग, जबकि भाटिया ओपन प्लेटी जुंडला में 30,853 बैग धान की गिनती हुई। मगर विभागीय रिकॉर्ड में भाटिया प्लेटी पर धान रखने की कोई अनुमति नहीं थी।
जांच के दौरान 2,906 बैग यानी 1,032.5 क्विंटल धान कम पाया गया। जब दोनों स्थानों के स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो यह खुलासा हुआ कि भाटिया प्लेटी पर रखा गया स्टॉक बटान फूड्स का नहीं था। इस प्रकार कुल 33,759 बैग (12,659.62 क्विंटल) धान का कोई हिसाब नहीं मिला।
प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता और आर्थिक घोटाला माना है। मामले की जांच जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जारी है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी नाम सामने आ सकते हैं।
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