दुलारचंद हत्याकांड: जेडीयू उम्मीदवारबाहुबली अनंत सिंह गिरफ्तार

मोकामा में RJD नेता दुलारचंद की हत्या के मामले में पटना पुलिस ने देर रात बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद फेसबुक पर बयान आया — “सत्यमेव जयते।”

दुलारचंद हत्याकांड: जेडीयू उम्मीदवारबाहुबली अनंत सिंह गिरफ्तार

मोकामा में RJD नेता दुलारचंद की हत्या मामले में अनंत सिंह गिरफ्तार
150 पुलिसकर्मियों की टीम ने बेढ़ना स्थित घर से पकड़ा बाहुबली
गिरफ्तारी पर अनंत सिंह बोले – “सत्यमेव जयते, मोकामा की जनता लड़ेगी चुनाव”


पटना। बिहार की सियासत में अपनी दबंग छवि के लिए मशहूर बाहुबली नेता और मोकामा से JDU उम्मीदवार अनंत सिंह को RJD नेता दुलारचंद की हत्या के मामले में शनिवार रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रात करीब 12 बजे पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिसकर्मियों की टीम ने बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना में कारगिल चौक स्थित उनके घर पर छापा मारा। पुलिस ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर पटना लाया

अनंत सिंह को बाढ़ आवास से गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस।

गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें उन्होंने लिखा – “सत्यमेव जयते!! मुझे मोकामा की जनता पर पूर्ण भरोसा है, इसलिए चुनाव अब मोकामा की जनता लड़ेगी।” इस बयान के साथ ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

प्रचार करके लौटने के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को अरेस्ट किया।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय अनंत सिंह छह गाड़ियों के काफिले में थे और दिनभर समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। जब पुलिस ने उन्हें घेरा, तब वे सफेद पैंट-शर्ट और काले चश्मे में दिखे, और पूरे समय शांत व आत्मविश्वासी नजर आए।

इस कार्रवाई पर जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने कहा कि यह कदम सही है, लेकिन देरी से उठाया गया। उन्होंने कहा, “अगर पुलिस पहले कार्रवाई करती तो बेहतर होता। जब FIR दर्ज थी, तब ही गिरफ्तारी हो जानी चाहिए थी। लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। अब देखना होगा कि पुलिस जांच कितनी निष्पक्ष करती है।”

गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को मोकामा में 76 वर्षीय RJD नेता दुलारचंद की हत्या कर दी गई थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। उसी मामले में यह बड़ी कार्रवाई हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अनंत सिंह की गिरफ्तारी से बिहार की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है और मोकामा उपचुनाव की दिशा बदल सकती है।