रेलूराम हत्या*कांड में सोनिया को नहीं मिली जमानत, जमानतदार न पहुंचने से टली रिहाई
हरियाणा के रेलूराम पूनिया हत्याकांड में दोषी सोनिया को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी। जमानतदार कोर्ट नहीं पहुंचने के कारण 24 साल पुराने मामले में रिहाई टल गई।
- रेलूराम हत्याकांड में दोषी सोनिया को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत
- जमानतदार कोर्ट नहीं पहुंचे, इसलिए टली रिहाई
- 24 साल पुराने सामूहिक हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रही है सोनिया
हरियाणा के चर्चित पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया हत्याकांड में दोषी करार दी गई सोनिया को सोमवार को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी। जमानत न मिलने का कारण यह रहा कि जमानत प्रक्रिया के लिए आवश्यक जमानतदार अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए।
सोनिया के वकील आरएस खटान ने बताया कि जमानत के लिए प्रयास किए गए थे, लेकिन जमानतदारों की अनुपस्थिति के कारण कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सका। उन्होंने कहा कि मंगलवार को जमानतदार कोर्ट में पेश होंगे, जिसके बाद सोनिया की जमानत की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
इससे पहले सोनिया के पति और सह दोषी संजीव को 13 दिसंबर की शाम अंतरिम जमानत मिल चुकी है। संजीव करनाल जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था और उसे हाल ही में राहत दी गई है।
करनाल जेल में बंद सोनिया के खिलाफ अलग अलग जिलों में दर्ज कई मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। करनाल, अंबाला और कुरुक्षेत्र में दर्ज मामलों में अदालतों से उसे राहत मिल चुकी है, जबकि हिसार जिले के उकलाना मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जिसके तहत वह वर्तमान में जेल में बंद है।
सूत्रों के अनुसार सोनिया पढ़ी लिखी है और ग्रेजुएट है। उसे करनाल जेल के लेडीज वार्ड 1 बी में रखा गया है और फिलहाल उससे कोई जेल श्रम नहीं कराया जा रहा है।
रेलूराम पूनिया हत्याकांड को हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के सबसे जघन्य अपराधों में गिना जाता है। यह वारदात 23 अगस्त 2001 की रात हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के लितानी गांव में हुई थी, जिसमें पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी, बेटे बहू और तीन मासूम बच्चों समेत कुल आठ लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
जांच में सामने आया था कि संपत्ति विवाद इस हत्याकांड की मुख्य वजह थी। अदालत ने संपत्ति हड़पने की नीयत से की गई इस वारदात में सोनिया और उसके पति संजीव को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला आज भी भारतीय अपराध इतिहास के सबसे सनसनीखेज मामलों में शामिल है।
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