भाजपा कार्यकर्ता से हाथापाई, पुलिस ने संभाला मोर्चा

रोहतक में रेलवे की जमीन पर बने मंदिर को हटाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ता और मंदिर कमेटी के बीच विवाद हो गया, जो हाथापाई तक पहुंच गया।

भाजपा कार्यकर्ता से हाथापाई, पुलिस ने संभाला मोर्चा

रेलवे की जमीन पर बने मंदिर को हटाने के मुद्दे पर भाजपा कार्यकर्ता और मंदिर कमेटी आमने-सामने
कहासुनी के बाद हाथापाई, दोनों पक्षों को चोटें; पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत
चौड़ी सड़क निर्माण को लेकर टकराव, अवैध निर्माण और दबाव के आरोप-प्रत्यारोप



हरियाणा के रोहतक शहर में बजरंग भवन फाटक के पास मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब रेलवे की जमीन पर बने एक मंदिर को लेकर विवाद बढ़कर हाथापाई में बदल गया। मामला उस वक्त गरमाया जब नगर निगम द्वारा प्रस्तावित चौड़ी सड़क निर्माण के लिए मौके पर काम शुरू किया गया। इसी जमीन पर बने मंदिर को लेकर भाजपा कार्यकर्ता और मंदिर कमेटी के सदस्यों के बीच टकराव हो गया।

जानकारी के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता मोहित धनवंतरी ने रेलवे की जमीन पर बने मंदिर को अवैध बताते हुए इसे हटाने की मांग की, ताकि सड़क निर्माण में कोई बाधा न आए। इस पर मंदिर कमेटी के सदस्यों ने आपत्ति जताई और बैठक कर मंदिर को न हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

झगड़े के दौरान दोनों ओर से लात-घूंसे चले, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता समेत दोनों पक्षों के कुछ लोगों को चोटें आईं। हालात बिगड़ते देख मौके पर सिविल लाइन थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

भाजपा कार्यकर्ता मोहित धनवंतरी का आरोप है कि मंदिर कमेटी और कुछ प्रभावशाली लोग उस पर विरोध न करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर शनिवार और मंगलवार को मंदिर के बाहर सड़क पर भारी भीड़ लगती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि मंदिर का निर्माण अवैध है और यह शहर के विकास में बाधा बन रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर की मूर्तियों को पास ही स्थित बजरंग भवन मंदिर में स्थानांतरित किया जाए।

वहीं, मंदिर कमेटी के सदस्य जतिन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि मारपीट की शुरुआत मोहित धनवंतरी ने की। उनका कहना है कि नगर निगम की टीम ने सुझाव दिया था कि मंदिर को सात फुट के भीतर शिफ्ट कर रास्ता बचाया जा सकता है, लेकिन मोहित मंदिर को पूरी तरह हटाने पर अड़े हुए हैं। जतिन ने मोहित पर अवैध पार्किंग और बिना एनओसी चार मंजिला इमारत खड़ी करने के भी आरोप लगाए और पुलिस में शिकायत देने की बात कही।

फिलहाल मामला शांत है, लेकिन सड़क निर्माण और धार्मिक स्थल को लेकर विवाद ने स्थानीय प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।