समालखा में स्वच्छता पखवाड़ा छात्रों ने सीखी कंपोस्टिंग तकनीक
समालखा नगर परिषद ने स्वच्छता पखवाड़े के तहत जीएसएसएस छात्रों को मुरथल प्लांट का दौरा कराया छात्रों ने गीले-सूखे कचरे के प्रबंधन और कंपोस्टिंग सीखी
➤ समालखा में स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम
➤ छात्रों ने मुरथल प्लांट का दौरा किया
➤ गीले-सूखे कचरे का प्रबंधन और कंपोस्टिंग सीखी
समालखा, अशोक शर्मा
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत समालखा नगर परिषद ने छात्रों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। सचिव मनीष शर्मा के नेतृत्व में जीएसएसएस (GSSS) विद्यालय के छात्रों ने मुरथल प्लांट का दौरा किया। इस दौरान छात्रों को गीले और सूखे कचरे के अलगाव तथा सही प्रबंधन की जानकारी दी गई। उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस प्रकार कचरे से उपयोगी सामग्री तैयार की जाती है।
परिषद सचिव मनीष शर्मा ने बताया कि घरों से ही कचरा अलग करने से शहर स्वच्छ और पर्यावरण सुरक्षित रह सकता है। छात्रों ने इस अवसर पर स्वच्छता का संकल्प लिया और समाज में जागरूकता फैलाने का वचन दिया। इसके अलावा उन्हें ऑन-साइट कंपोस्टिंग तकनीक के बारे में भी सिखाया गया, जिससे स्कूल में ही गीले कचरे का प्रबंधन संभव हो और घरेलू कंपोस्टिंग के लिए सरल तरीके अपनाए जा सकें।
नगर परिषद के चेयरमैन अशोक कुच्छल ने कहा कि स्वच्छता पखवाड़े का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्वस्थ वातावरण बनाने में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। कुच्छल ने स्वयं झाड़ू लगाकर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और हरियाणा सरकार इसे पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।
मनीष शर्मा ने आगे बताया कि स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। यदि हम घर, मोहल्ले, गांव और कस्बों को स्वच्छ रखेंगे, तो न केवल बीमारियाँ कम होंगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहतर वातावरण सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम की समाप्ति पर चेयरमैन अशोक कुच्छल ने छात्रों के लिए रास्ते में एक ढाबे पर भोजन की व्यवस्था भी की, जिससे बच्चों को यह अनुभव भी मिला कि स्वच्छता और समाज सेवा का व्यवहारिक पालन कैसे किया जा सकता है।
Akhil Mahajan