सूरजकुंड झूला हादसे की पूरी कहानी: पहले एक सिरा टूटा, मदद को आए लोग, तभी दूसरी तरफ से भी गिरा झूला; देखें वीडियो
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में सुनामी झूला टूटने से बड़ा हादसा, 13 लोग घायल, बचाव के दौरान इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत, जांच के आदेश।
➤ झूला एक तरफ से टूटा, अफरा-तफरी मची
➤ बचाव के दौरान दूसरी बार गिरा, इंस्पेक्टर की मौत
➤ 13 घायल, प्रशासनिक जांच और कार्रवाई के आदेश
हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की खुशियां शनिवार शाम अचानक मातम में बदल गईं, जब झूला ग्राउंड में लगा नावनुमा सुनामी झूला तकनीकी खामी के चलते टूटकर गिर गया।
हादसा शाम करीब सवा छह बजे हुआ, उस वक्त झूले पर 15 से अधिक लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झूला ऊपर-नीचे झूल रहा था, तभी अचानक उसका एक सिरा टूटकर जमीन पर गिर पड़ा, जिससे झूले पर बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे के बाद झूले में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए आसपास मौजूद लोग, स्टॉल संचालक और पुलिसकर्मी मदद को दौड़े। इसी दौरान स्थिति और भयावह हो गई, जब झूले का दूसरा सिरा भी अचानक टूटकर गिर गया। इस दूसरी गिरावट की चपेट में कई लोग आ गए। बचाव कार्य में जुटे 27वीं एचएपी में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी हालत नाजुक हो गई। बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी और मेला परिसर में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। घायलों में से 9 को चार्मवुड विलेज स्थित सुप्रीम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 4 घायलों को बीके जिला अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद देर रात तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और बेचैनी का माहौल बना रहा। इमरजेंसी वार्ड के बाहर परिजन अपने अपनों की सलामती के लिए दुआ करते नजर आए। एंबुलेंस और निजी वाहनों से लगातार घायलों को अस्पताल लाया जाता रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आयुष सिन्हा, अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान और पर्यटन विभाग के एमडी पार्थ गुप्ता देर रात तक अस्पताल में मौजूद रहे। उन्होंने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और इलाज की व्यवस्थाओं की निगरानी की। रात करीब नौ बजे हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले थे। उन्होंने 36 वर्षों तक हरियाणा पुलिस में सेवा दी थी। हाल ही में उनका तबादला चांदहट थाना प्रभारी से जिला पुलिस लाइन किया गया था और 31 मार्च 2026 को उनकी सेवानिवृत्ति होनी थी। पलवल के एसपी वरुण सिंगला ने उनकी शहादत को नमन करते हुए कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जान गंवाई, जिसे पुलिस विभाग कभी नहीं भूलेगा।
हादसे के बाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता भी मेला परिसर और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने झूला वेंडर, सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच को लेकर जांच समिति को सक्रिय कर दिया है।
Akhil Mahajan