हाईकोर्ट में आज पेश होंगे कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह, उचाना विधानसभा चुनाव में पोस्टल वोट की रिकाउंटिंग की मांग

हरियाणा की उचाना सीट से कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की 32 वोट से हार के बाद हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की गई। बृजेंद्र ने 215 डाक मतों की पुनर्गणना की मांग की है।

हाईकोर्ट में आज पेश होंगे कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह, उचाना विधानसभा चुनाव में पोस्टल वोट की रिकाउंटिंग की मांग

➤ जींद की उचाना सीट पर 32 वोट से हारे कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह हाईकोर्ट में पेश
➤ 215 डाक मतों को अमान्य घोषित करने के फैसले को दी चुनौती
➤ कोर्ट में केवल पोस्टल बैलेट की वैधता और पुनर्गणना पर बहस होगी

हरियाणा की सियासत में हलचल पैदा करने वाले जींद जिले की उचाना विधानसभा सीट से जुड़े विवाद पर आज अहम सुनवाई हुई। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने बयान दर्ज कराने के लिए 23 सितंबर को पेश होने के आदेश दिए थे।

बता दें कि अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में उचाना सीट से भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र अत्री ने मात्र 32 वोटों के अंतर से बृजेंद्र सिंह को हराया था। इस चुनाव में जेजेपी के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पांचवें स्थान पर रहे थे। कुल 1,377 डाक मतों में से रिटर्निंग ऑफिसर ने 215 को अमान्य घोषित कर दिया था। जबकि शेष 1,158 डाक मतों में से 636 वोट बृजेंद्र सिंह के पक्ष में गए थे।

बृजेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इन 215 अमान्य डाक मतों की दोबारा गिनती की मांग की है। हाईकोर्ट ने जुलाई में उन्हें याचिका में संशोधन की अनुमति दी थी, जिसके बाद अब मामला केवल इन डाक मतों की वैधता और पुनर्गणना तक सीमित हो गया है।

भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री की ओर से इस याचिका को खारिज करने की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता ने केवल मतगणना के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि विवाद शीघ्र निपट सके। अदालत ने इसे किसी दुर्भावना से प्रेरित नहीं माना और कहा कि यह कानून के अनुरूप है।

कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह पहले आईएएस अधिकारी रहे हैं। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर भाजपा के टिकट पर हिसार से लोकसभा चुनाव जीता था। हालांकि, बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए। अब उचाना सीट पर मिली हार को उन्होंने चुनौती दी है और डाक मतों की गिनती को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

इस सीट पर वोटों का मामूली अंतर और डाक मतों पर उठे सवाल इसे हरियाणा की सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी लड़ाइयों में से एक बना देते हैं। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।