90 हजार में बेच रहा था दसवीं की फर्जी डीएमसी, युवक गिरफ्तार
फतेहाबाद में 10वीं की फर्जी डीएमसी दिलाने के नाम पर भाई-बहन से 90 हजार रुपए ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
➤ चेन्नई बोर्ड के नाम पर 10वीं के फर्जी प्रमाण पत्र
➤ भाई-बहन से 90 हजार रुपए की धोखाधड़ी
➤ इकोनॉमिक सेल ने सिरसा के आरोपी को दबोचा
हरियाणा में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के धंधे का एक और मामला सामने आया है। फतेहाबाद पुलिस की इकोनॉमिक सेल ने 10वीं कक्षा की फर्जी डीएमसी दिलाने के नाम पर भाई-बहन से 90 हजार रुपए ठगने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चेन्नई बोर्ड के नाम पर नकली प्रमाण पत्र तैयार कर पीड़ित परिवार को सौंप दिए थे। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने भी जांच करवाई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए।
पकड़ा गया आरोपी सिरसा जिले का रहने वाला है। उसके खिलाफ भट्टू क्षेत्र के गांव सिरढान निवासी व्यक्ति ने शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पढ़ाई और भविष्य सुधारने का झांसा देकर पीड़ित परिवार को अपने जाल में फंसा लिया और भारी रकम वसूल ली।
इकोनॉमिक सेल प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि यह मामला 16 दिसंबर 2025 को सामने आया था। हरियाणा मानव अधिकार आयोग के आदेश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच की तो खुलासा हुआ कि दो बच्चों को चेन्नई बोर्ड के नाम पर फर्जी 10वीं और अन्य कक्षाओं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए गए थे।
शिकायतकर्ता दलबीर सिंह, निवासी गांव सिरढान, ने बताया था कि आरोपियों ने उनके पुत्र और पुत्री को 10वीं पास कराने का झांसा दिया और बदले में 90 हजार रुपए ले लिए। जब इन प्रमाण पत्रों की सच्चाई जांची गई तो वे पूरी तरह फर्जी निकले। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए।
एसआईटी रिपोर्ट के बाद भट्टू कलां थाने में 20 जनवरी को आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद केस की जांच इकोनॉमिक सेल को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने सिरसा जिले के नाथुसरी चौपटा निवासी मांगेराम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस फर्जी सर्टिफिकेट गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितने छात्रों को इसी तरह ठगा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी शैक्षणिक प्रमाण पत्र को बनवाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
Akhil Mahajan