हरियाणा में आयकर विभाग की रेड : एक करोड़ से ज्यादा का सोना बरामद, कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए
आयकर विभाग की रेड चौथे दिन भी जारी है। कार्रवाई के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत का सोना बरामद किया गया है, कई बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं और भारी मात्रा में डिजिटल डेटा जब्त किया गया है।
➤ फरीदाबाद में आयकर विभाग की रेड चौथे दिन भी जारी
➤ एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत का सोना बरामद
➤ कई बैंक खाते फ्रीज, भारी मात्रा में डिजिटल डेटा जब्त
फरीदाबाद शहर में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की बड़ी कार्रवाई लगातार चौथे दिन भी जारी है। इस बहुचर्चित सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत का सोना बरामद किया जा चुका है। इसके साथ ही जांच के दायरे में आए कई बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन सामने आने के बाद उन्हें फ्रीज कर दिया गया है। कार्रवाई से शिक्षा, रियल एस्टेट और कॉर्पोरेट जगत में खलबली मच गई है।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की कई टीमें बीते चार दिनों से ग्रेटर फरीदाबाद समेत शहर के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी कर रही हैं। इस दौरान दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, एक बड़े रियल एस्टेट ग्रुप, सेक्टर-12 स्थित ओजोन पार्क के कार्यालय, सेक्टर-21 की एक प्रमुख सिक्योरिटी एजेंसी, चार कंपनियों के दफ्तरों और आवासों सहित करीब 50 ठिकानों पर गहन जांच की जा रही है।
छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं। इनमें कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सभी डिजिटल रिकॉर्ड्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और संभावित अवैध वित्तीय नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कई ऐसे वित्तीय लेन-देन उजागर हुए हैं, जिनका कोई स्पष्ट और वैध स्रोत नहीं मिल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि इन लेन-देन के माध्यम से काले धन को सफेद करने और टैक्स से बचने की कोशिश की गई। इसके अलावा कुछ फर्जी कंपनियों के जरिए धन ट्रांसफर किए जाने के संकेत भी मिले हैं, जिनकी गहराई से जांच चल रही है।
आयकर विभाग की टीमों ने छानबीन के दौरान जमीन सौदों, निर्माण परियोजनाओं, शिक्षा शुल्क और निवेश से जुड़े कई अहम कागजात भी जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों का डिजिटल मिलान आयकर रिटर्न और बैंक खातों से किया जा रहा है, ताकि वास्तविक आय और घोषित आय के बीच अंतर स्पष्ट हो सके।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों पर भारी जुर्माना, टैक्स रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल विभाग का पूरा फोकस जब्त किए गए डेटा और दस्तावेजों की बारीकी से जांच पर है। आयकर विभाग ने साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, यह अभियान जारी रहेगा।
Akhil Mahajan