आईएएस पत्‍नी की शिकायत पर पूरन कुमार केस में FIR दर्ज, 15 अफसर आरोपी

हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज की। IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। FIR में 15 IAS-IPS अफसरों को आरोपी बनाया गया है।

आईएएस पत्‍नी की शिकायत पर  पूरन कुमार केस में FIR दर्ज, 15 अफसर आरोपी
  • आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में FIR दर्ज

  • IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

  • सुसाइड नोट के आधार पर 15 अफसरों के नाम एफआईआर में शामिल


हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के तीसरे दिन आखिरकार चंडीगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। गुरुवार देर शाम सेक्टर-11 थाना में 156 नंबर FIR दर्ज की गई। यह मामला भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज हुआ है।

चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि यह एफआईआर आईएएस अफसर अमनीत पी. कुमार, जो मृतक पूरन कुमार की पत्नी हैं, की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि शिकायत के साथ दिए गए सुसाइड नोट को आधार माना गया है, जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।

कंवरदीप कौर ने कहा — “सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम थे, उन्हें एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। एफआईआर की कॉपी बहुत जल्द सार्वजनिक की जाएगी।”


सुसाइड नोट में 15 अफसरों के नाम

मृतक वाई पूरन कुमार ने अपने आठ पेज के सुसाइड नोट में हरियाणा के 15 IAS और IPS अफसरों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। नोट के आखिरी हिस्से में उन्होंने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर गंभीर आरोप लगाए थे।

पूरन कुमार ने लिखा था कि उन्हें जातीय आधार पर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी और सिस्टमेटिक तरीके से टारगेट किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें पेशेवर काम से रोकने, ट्रांसफर में दखल देने और मानसिक उत्पीड़न के हालात में धकेला गया।


IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार की सक्रिय भूमिका

पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार, जो खुद एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं, ने जापान दौरे से लौटने के बाद सीधे सरकार और पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जब तक सुसाइड नोट में दर्ज नामों पर FIR नहीं होती, तब तक वे पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं देंगी।

उनकी इस सख्त स्थिति के बाद ही गुरुवार देर शाम FIR दर्ज की गई। अमनीत ने पहले दिन ही कहा था— “मुझे सिर्फ न्याय चाहिए, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

सरकार और ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

इस FIR के बाद हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, इस केस के बाद IAS और IPS लॉबी के बीच टकराव और बढ़ गया है।

SC समुदाय से जुड़े अफसरों ने भी एकजुट होकर कहा है कि यह मामला सिर्फ एक अफसर की मौत का नहीं बल्कि जातीय भेदभाव और सिस्टमेटिक असमानता का मुद्दा है।

अब चंडीगढ़ पुलिस केस की जांच शुरू करेगी। एफआईआर के तहत दर्ज धाराओं में आत्महत्या के लिए उकसाना, जातीय उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही नामजद अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।