पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हरियाणा के शूटर का हुआ अंतिम संस्कार

गाजियाबाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए सोनीपत निवासी अरुण का दाह संस्कार हुआ। परिवार और ग्रामीणों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस ने अरुण को कुख्यात गैंग का शूटर बताया।

पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हरियाणा के शूटर का हुआ अंतिम संस्कार

➤ गाजियाबाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अरुण का सोनीपत में अंतिम संस्कार
➤ परिवार ने एनकाउंटर को फर्जी बताया, कहा- अरुण शरीफ और बीमार था
➤ पुलिस का दावा- अरुण रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा शूटर, 1 लाख का इनामी


उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार को हुए पुलिस एनकाउंटर में मारे गए सोनीपत निवासी अरुण का शव देर रात पैतृक घर पहुंचा, जहां सुबह श्मशान घाट में उनका दाह संस्कार किया गया। बड़े भाई अंकुर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। पिता और भाई शव यात्रा के समय लगातार रोते रहे।

परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाई अंकुर ने कहा कि उनके गरीब परिवार में इतनी ताकत नहीं कि प्रशासन से लड़ सकें, इसलिए कोई कोर्ट केस नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुण निर्दोष था और पुलिस ने उसका फर्जी एनकाउंटर किया है। अंकुर ने कहा कि पुलिस द्वारा जारी तस्वीरें उनके भाई की नहीं हैं, क्योंकि उनका भाई शुगर का मरीज था और पीला व कमजोर दिखता था, जबकि तस्वीर में युवक सांवला दिख रहा है।

अरुण के माता-पिता ने भी पुलिस की कार्रवाई को झूठा बताया। पिता राजेंद्र सिंह ने कहा कि अरुण बीते पांच साल से शुगर की बीमारी से जूझ रहा था और इंसुलिन पर निर्भर था। मां सविता ने बताया कि बुधवार दोपहर अरुण हरिद्वार जाने की बात कहकर घर से निकला था। उन्होंने बेटे से कहा था जल्दी लौट आना, लेकिन कुछ ही घंटों बाद एनकाउंटर की खबर मिल गई। मां ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा बेहद सीधा-साधा और दयालु था, उसने कभी किसी गलत काम में हाथ नहीं डाला।

गांव के लोगों ने भी अरुण को शरीफ और शांत स्वभाव का बताया और एनकाउंटर को संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि अरुण डेयरी का छोटा सा काम करता था और घर के कर्ज उतारने के लिए मेहनत कर रहा था।

दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि अरुण हरियाणा के रोहतक निवासी रविंद्र के साथ रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा हुआ था। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और इन्हें बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के मामले में आरोपी बनाया गया था। गाजियाबाद में हुए एनकाउंटर में दोनों को मार गिराया गया।

सोनीपत में अरुण का दाह संस्कार पूरे विवाद और सवालों के बीच हुआ। अब यह मामला पुलिस कार्रवाई पर पारदर्शिता और न्यायिक जांच की मांग को और तेज कर रहा है।