हरियाणा में प्‍लाट के बाहर पेशाब करने पर विवाद, दो चचेरों भाइयों ने अमित को दी सजा-ए-मौत, बर्बता से पीटा, अंदरुणी चोटों से चली गई जान

हरियाणा के अमित की कोमा में रहने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि चचेरों भाइयों ने कार से टक्कर मारने के बाद लोहे की रॉड और पाइप से पिटाई की थी। पुलिस ने हत्या की धाराएं जोड़कर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की है।

हरियाणा में प्‍लाट के बाहर पेशाब करने पर विवाद,  दो चचेरों भाइयों ने अमित को दी सजा-ए-मौत, बर्बता से पीटा, अंदरुणी चोटों से चली गई जान

गुरुग्राम में डाक कांवड़ देखने निकले अमित की 15 महीने कोमा में रहने के बाद मौत
➤ चचेरों भाइयों ने पहले कार से टक्कर, फिर लोहे की रॉड और पाइप से की पिटाई
➤ पुलिस ने जोड़ी हत्या की धाराएं, कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेगी


हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मोहम्मदपुर सहदपुर गांव में पिछले साल हुई बर्बर वारदात ने एक बार फिर लोगों को झकझोर दिया है। डाक कांवड़ देखने निकले अमित को उसके ही चचेरे भाइयों ने बेरहमी से पीटा था। इस हमले में अमित गंभीर रूप से घायल होकर 15 महीने तक कोमा में रहा। रविवार को उसने आखिरकार दम तोड़ दिया।

घटना 28 जुलाई 2024 की है, जब डाक कांवड़ यात्रा लौटी थी। अमित भी यात्रा देखने के लिए निकला था। उसी समय मौके पर मौजूद उसके चचेरे भाई और उनके बेटे पहले से रंजिश के चलते उसका इंतजार कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने पहले अमित को कार से टक्कर मारी, फिर लोहे की रॉड और पाइप से पिटाई कर दी। बर्बरता इतनी थी कि उसकी आंखें फोड़ दी गईं और अधमरा छोड़कर आरोपी फरार हो गए।

अमित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई। लंबे इलाज के बाद जब सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे घर ले आए। पिछले 15 महीने से अमित जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा और धीरे-धीरे हड्डियों का ढांचा बन गया। अब उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिजनों का कहना है कि इस हमले की वजह पुरानी जमीन और किराएदार विवाद था। अमित ने अपने चाचा के प्लॉट पर रहने वाले किराएदारों को अशोभनीय हरकत करने से रोका था। इसी बात को लेकर रिश्तेदार रंजिश पाल बैठे और मौका मिलते ही हमला कर दिया।

इस मामले में पुलिस ने प्रवीन, अंकुश, रमेश और लोकेश के खिलाफ केस दर्ज किया था। चारों को बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी। अब अमित की मौत के बाद परिजन आरोपियों की जमानत रद्द करने और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

फर्रुखनगर थाना प्रभारी के अनुसार, अब केस में हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं और शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेगी। वहीं, परिजनों का कहना है कि अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होनी है, जिसमें वे सभी आरोपियों की जमानत रद्द करने के लिए अर्जी दायर करेंगे।

यह घटना सिर्फ एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देने वाली है, जहाँ खून के रिश्तों ने ही खून की होली खेल दी।