हार्ट अटैक आने पर अकेले होने पर क्या करें?

Heart Attack Symptoms: अगर हार्ट अटैक अकेले होने पर आए तो क्या करें। एस्पिरिन, सांस, लेटने की पोजिशन और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर से जान बचाएं।

हार्ट अटैक आने पर अकेले होने पर क्या करें?

हार्ट अटैक के लक्षण और बचाव: अकेले होने पर क्या करें
हर उम्र के लिए जरूरी जानकारी, विशेषकर बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों के लिए



हार्ट अटैक (Heart Attack) एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत मदद मिलना बेहद जरूरी है। लेकिन अगर यह घटना आपके साथ अकेले हो जाए, तो घबराने की बजाय कुछ कदम उठाकर आप अपनी जान बचा सकते हैं।

जरूरी कदम जब आप अकेले हों:

  1. इमरजेंसी नंबर पर तुरंत कॉल करें

    • भारत में 108 या आपके क्षेत्र का आपातकालीन नंबर।

    • डिस्पैचर आपको तब तक निर्देश देगा जब तक मदद नहीं पहुँचती।

  2. एस्पिरिन चबाएं

    • 325 mg की गोली या दो 81 mg की बेबी एस्पिरिन।

    • प्लेटलेट्स जमने से रोकती है, आर्टरीज में क्लॉटिंग धीमी करती है।

    • लक्षणों के 30 मिनट के भीतर लेने से असर सबसे अधिक होता है।

  3. शांत रहें और घबराएं नहीं

    • घबराहट से हार्ट रेट बढ़ता है।

    • जितना हो सके, शांत रहने की कोशिश करें।

  4. ड्राइविंग बिल्कुल न करें

    • गाड़ी चला रहे हों तो सड़क किनारे रुकें।

    • खुद ड्राइव करके अस्पताल जाने की कोशिश न करें।

  5. लेट जाएं और पैरों को ऊपर उठाएं

    • फर्श पर पीठ के बल लेटें और पैरों को तकिए या कुर्सी से सहारा दें।

    • डायाफ्राम खुलने से सांस लेना आसान होता है।

  6. गहरी और स्थिर सांस लें

    • तेज़-तेज़ सांस लेने की बजाय धीरे और गहरी सांस लें।

    • खिड़की या दरवाजे के पास लेटना फायदेमंद।

  7. खाने-पीने से बचें

    • एस्पिरिन के अलावा कोई चीज न खाएं या पिएं।

  8. ‘कफ सीपीआर’ मिथक है

    • खांसने या कफ सीपीआर से हार्ट अटैक रोकना प्रभावी नहीं है।

  9. पास के किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बुलाएं

    • पड़ोसी, दोस्त या कोई परिवार का सदस्य।

    • उनकी मौजूदगी मददगार साबित हो सकती है।

  10. डॉक्टर से फॉलो अप लें

    • हार्ट अटैक से बच जाने के बाद भविष्य में जोखिम कम करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

    • दवाइयां, लाइफस्टाइल बदलाव और इमरजेंसी प्लान बनवाएं।