हरियाणा में तहसीलदार गिरफ्तार, कोर्ट स्टे के बाद भी 17 बीघा जमीन की कर दी रजिस्ट्री
पंचकूला के रायपुररानी तहसीलदार विक्रम सिंगला को एंटी करप्शन ब्यूरो ने कोर्ट स्टे के बावजूद 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामले में बड़े खुलासों की संभावना है।
-कोर्ट स्टे के बावजूद 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री
-ACB ने रायपुररानी के तहसीलदार को किया गिरफ्तार
-रिमांड में बड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच
हरियाणा के पंचकूला जिले से भ्रष्टाचार से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। रायपुररानी तहसील के तहसीलदार विक्रम सिंगला को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि तहसीलदार ने कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे के बावजूद 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कर दी। यह जमीन हांसी के बड़ाला गांव निवासी एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर की गई, जबकि इस जमीन पर कानूनी रोक पहले से मौजूद थी।
ACB अधिकारियों के अनुसार यह मामला 2017 से जुड़ा हुआ है। रायपुररानी तहसील की इस विवादित जमीन पर CBI जांच के बाद कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसके बावजूद तहसीलदार विक्रम सिंगला ने नियमों और अदालत के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए जमीन की रजिस्ट्री कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह रजिस्ट्री पूरी तरह से गलत तरीके से की गई, जिससे सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद ACB ने बताया कि आज आरोपी तहसीलदार को पंचकूला कोर्ट में पेश किया जाएगा। एजेंसी कोर्ट से आरोपी का रिमांड मांगेगी, ताकि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस फर्जी रजिस्ट्री में और कौन-कौन अधिकारी शामिल थे और क्या यह पूरा मामला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
जानकारी के अनुसार विक्रम सिंगला काफी समय से अंबाला और पंचकूला जिलों की विभिन्न तहसीलों में तैनात रहे हैं। अंबाला के बाद वे कालका तहसील में भी सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में रायपुररानी तहसील में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि उनके पिता पंजाब में बड़े प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। फिलहाल विक्रम सिंगला अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-27 में रहते हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब विक्रम सिंगला विवादों में घिरे हों। 2022 में कालका तहसीलदार रहते हुए उन पर RTI के तहत मांगी गई जानकारी न देने के आरोप लगे थे। उस समय राज्य सूचना आयोग ने उन्हें आदेश जारी किए थे, लेकिन जवाब नहीं देने पर आयोग ने नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उन पर प्रतिदिन 250 रुपए का जुर्माना लगाया जाए। इसके बाद आयोग ने उन्हें तलब भी किया था। अब एक बार फिर उनकी गिरफ्तारी ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
Akhil Mahajan