राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला से राफेल में भरी उड़ान, हाथ हिलाकर किया अभिवादन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। सुरक्षा कारणों से ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाई गई थी।
➤ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल में भरी उड़ान
➤ एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने किया स्वागत, जवानों से की मुलाकात
➤ सुरक्षा कारणों से स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन आज उस वक्त गौरव से भर उठा, जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी। सुबह करीब 9.15 बजे राष्ट्रपति मुर्मू विशेष विमान से अंबाला पहुंचीं, जहां एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ने इस मौके पर फाइटर पायलट सूट पहनकर राफेल में सवार होकर हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जिसे देखकर मौजूद सभी अधिकारियों और जवानों के चेहरों पर गर्व झलक उठा।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर एयरफोर्स स्टेशन के अंदर और आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। स्टेशन के पास ड्रोन उड़ाने पर रोक थी और मोबाइल ले जाने की अनुमति केवल अधिकृत अधिकारियों को दी गई थी। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राष्ट्रपति ने जिप्सी पर खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया और एयरफोर्स के जवानों से मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने एयरफोर्स की विभिन्न यूनिट्स का निरीक्षण भी किया।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ने सुबह 11.14 बजे राफेल विमान में उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने विमान की तकनीकी खूबियों और उसकी ऑपरेशनल क्षमताओं को करीब से समझा। उड़ान के बाद उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, देश की सुरक्षा योजनाओं और आधुनिक सैन्य तकनीक को लेकर विचार साझा किए।
यह पहला मौका नहीं है जब राष्ट्रपति मुर्मू ने किसी फाइटर जेट में उड़ान भरी हो। इससे पहले 7 अप्रैल 2023 को उन्होंने असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI जेट में उड़ान भरी थी। उस उड़ान में उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी और तेजपुर घाटी का नज़ारा देखा था। वह सुखोई में उड़ान भरने वाली देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनी थीं।
अंबाला एयरबेस भारतीय वायुसेना के लिए राफेल स्क्वॉड्रन का प्रमुख केंद्र है। 27 जुलाई 2020 को फ्रांस से आई पहली खेप में पाँच राफेल विमानों को यहीं तैनात किया गया था। बाद में 10 सितंबर 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में राफेल की औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी आयोजित की गई थी। इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन "गोल्डन एरोज" में शामिल किया गया था।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा न केवल वायुसेना की शक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह देश की महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का भी परिचायक है। उनके इस उड़ान अभियान को पूरे देश में गर्व और प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
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