हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार केस : परिवार ने कहा—मर्जी के खिलाफ ले जाई गई डेडबॉडी

हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार केस में पांचवें दिन पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू। IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार और होम सेक्रेटरी सुमिता मिश्रा के बीच बैठक के बाद बनी सहमति। सरकार ने जांच SIT को सौंपी और DGP पर कार्रवाई के संकेत दिए।

हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार  केस : परिवार ने कहा—मर्जी के खिलाफ ले जाई गई डेडबॉडी

  • आईपीएस पूरन कुमार की डेडबॉडी परिवार की मर्जी के खिलाफ PGI शिफ्ट

  • अमनीत पी. कुमार के भाई और AAP विधायक अमित रतन का सरकार पर गंभीर आरोप

  • 15 अफसरों पर केस दर्ज, SIT जांच कर रही, FIR में नाम जोड़ने की मांग


चंडीगढ़। हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में अब विवाद और गहराता जा रहा है। घटना के पांचवें दिन (11 अक्टूबर) को जहां उनका पोस्टमॉर्टम होना तय है, वहीं परिवार ने सरकार पर जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पूरन कुमार की डेडबॉडी सेक्टर-16 गवर्नमेंट हॉस्पिटल से चंडीगढ़ PGI शिफ्ट की गई, लेकिन परिवार का कहना है कि यह उनकी मर्जी के खिलाफ किया गया कदम है।

पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार के भाई और आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन ने मीडिया से बातचीत में कहा,

“एक DGP लेवल का अधिकारी चला गया, पांच दिन हो गए लेकिन हमें अभी तक इंसाफ नहीं मिला। परिवार की इच्छा के खिलाफ सरकार जबरन पोस्टमॉर्टम करा रही है। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।”

वहीं, सरकारी सूत्रों का दावा है कि शुक्रवार रात हरियाणा की होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और आईएएस अमनीत पी. कुमार के बीच करीब एक घंटे तक चली बैठक में पोस्टमॉर्टम पर सहमति बन गई थी। हालांकि, अब परिवार इस समझौते से पीछे हटता दिख रहा है और डेडबॉडी शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जता रहा है।

पूरन कुमार की मौत के बाद से हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में इस मामले में हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज हुआ है।

इस मामले की जांच के लिए IG पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में 6 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। अमनीत पी. कुमार ने इस SIT को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि “जब तक आरोपी अफसर अपने पदों पर हैं, निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।

उन्होंने मांग की है कि DGP कपूर और SP बिजारणिया को तुरंत हटाया जाए और गिरफ्तार किया जाए, साथ ही एफआईआर में आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से कॉलम में दर्ज किए जाएं। परिवार का आरोप है कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि पूरन कुमार की आत्महत्या पूरे पुलिस सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम PGI चंडीगढ़ के मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद शाम तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। 

CM से मीटिंग हुई, पोस्टमॉर्टम के बाद फेरबदल संभव शुक्रवार रात को CM हाउस में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और IAS अफसर राज शेखर वुंडरू से मीटिंग की। सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में सरकार DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजाराणिया पर कार्रवाई के लिए तैयार हो गई।

यह भी कहा जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों अधिकारियों को हटाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो IAS अधिकारी ओपी सिंह, आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला DGP की दौड़ में हैं।

 

  • आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में पांचवें दिन होगा पोस्टमॉर्टम

  • IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार और होम सेक्रेटरी सुमिता मिश्रा की बैठक में बनी सहमति

  • सरकार DGP शत्रुजीत कपूर और SP नरेंद्र बिजारणिया पर कार्रवाई के मूड में


 हरियाणा के चर्चित आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में आखिरकार पांचवें दिन पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार सुबह उनकी डेडबॉडी सेक्टर-16 गवर्नमेंट हॉस्पिटल से एंबुलेंस द्वारा PGI चंडीगढ़ पहुंचाई गई, जहां मेडिकल बोर्ड पोस्टमॉर्टम करेगा। इस फैसले तक पहुंचने में चार दिनों की गहमागहमी, बैठकों और लगातार बातचीत का दौर चला।

शुक्रवार रात एक घंटे तक चली महत्वपूर्ण बैठक में आईएएस अमनीत पी. कुमार और हरियाणा की होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा आमने-सामने हुईं। इस बैठक में अमनीत ने पोस्टमॉर्टम को लेकर अपनी कई शर्तें रखीं, जिनमें प्रमुख मांग थी कि एफआईआर में सभी आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से कॉलम में दर्ज किए जाएं और डीजीपी शत्रुजीत कपूर व एसपी नरेंद्र बिजारणिया को तुरंत हटाया और गिरफ्तार किया जाए

10 अक्टूबर की देर शाम चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी और होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा अमनीत पी. कुमार से मिलने के लिए उनके सरकारी आवास पर पहुंचे थे।

लंबी बातचीत और सरकार की तरफ से निष्पक्ष जांच का भरोसा मिलने के बाद अमनीत पी. कुमार पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुईं। देर रात मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और होम सेक्रेटरी सुमिता मिश्रा ने उनके सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि यह बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई थी।

सरकार की ओर से यह भी तय हुआ कि जांच की निगरानी आईजी पुष्पेंद्र कुमार की अगुवाई वाली 6 सदस्यीय SIT करेगी। SIT को सुसाइड नोट, विभागीय व्यवहार और उत्पीड़न से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत जांच का आदेश दिया गया है।

शुक्रवार रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने निवास पर कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राज शेखर वुंडरू के साथ लंबी बैठक की। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने डीजीपी कपूर और एसपी बिजारणिया को हटाने पर सहमति जताई है। चर्चा यह भी है कि पोस्टमॉर्टम के बाद इन दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई या तबादले का ऐलान संभव है।

डीजीपी पद की नई दौड़ भी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, आईपीएस ओपी सिंह, आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला इस पद के लिए संभावित नाम हैं। आलोक मित्तल को हाल ही में डीजी रैंक में प्रमोशन दिया गया है।

उधर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। आयोग के चेयरमैन अशोक मकवाना शुक्रवार शाम अमनीत पी. कुमार के घर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे परिवार से मुलाकात कर कहा कि “परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।”

राजनीतिक स्तर पर भी मामला गर्मा गया है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे चंडीगढ़ आकर परिवार से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं सोनिया गांधी ने अमनीत पी. कुमार को संवेदना पत्र भेजा है।

पूरन कुमार के सुसाइड के बाद से हरियाणा के पुलिस और प्रशासनिक तंत्र में भूचाल आ गया है। यह राज्य का पहला मामला है, जिसमें मुख्य सचिव, डीजीपी और 14 अन्य वरिष्ठ अफसरों पर एफआईआर दर्ज हुई है। अब देखना यह होगा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सरकार किन अधिकारियों पर कार्रवाई करती है।