रेलू राम पूनिया हत्याकांड, भतीजे की राष्ट्रपति को चिट्ठी:बेटी सोनिया और दामाद संजीव को रिहा न करने की मांग, बोले- हमारा मर्डर हो जाएगा
रेलूराम पूनिया हत्याकांड में बेटी सोनिया और दामाद संजीव की समयपूर्व रिहाई के खिलाफ भतीजों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा। परिवार ने जान को खतरा बताया और रिहाई रोकने की मांग की।
• रेलूराम पूनिया हत्याकांड में बेटी सोनिया और दामाद संजीव की रिहाई के विरोध में राष्ट्रपति को चिट्ठी
• भतीजों ने कहा— दोनों बाहर आए तो हमारी जान को खतरा, पहले भी कर चुके हैं 8 हत्याएं
• हाईकोर्ट ने रिहाई याचिका मंजूर की, विस्तृत आदेश का इंतजार
हरियाणा के चर्चित रेलूराम पूनिया हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र और सतपाल पूनिया ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर बेटी सोनिया और दामाद संजीव कुमार की समय पूर्व रिहाई का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों जेल से बाहर आए तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
भतीजे जितेंद्र ने पत्र में लिखा कि सोनिया और संजीव पहले भी 8 हत्याएं कर चुके हैं और बाहर आकर वे उनका मर्डर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों को हिसार कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। उसके बाद राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका के लंबे समय तक लंबित रहने के आधार पर उनकी सजा को उम्रकैद में बदला गया था।
परिवार का आरोप है कि पहले भी सोनिया और संजीव ने हाईकोर्ट में रिहाई की याचिका लगाई थी, लेकिन परिवार के विरोध के बाद उसे वापस ले लिया गया था। अब एक बार फिर उन्होंने रिहाई की एप्लिकेशन लगाई है, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है, हालांकि विस्तृत आदेश अभी जारी नहीं हुआ है।
वकील लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि अगस्त 2001 का यह हत्याकांड बेहद जघन्य था, जिसमें रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी, बच्चों, बहू, पोते-पोतियों सहित कुल 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर रिहाई हुई तो परिवार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर CJI तक सभी प्राधिकरणों को ज्ञापन देगा।
परिवार का कहना है कि समाज में इस हत्याकांड को लेकर भारी भावनाएं जुड़ी हैं और ऐसे में दोषियों की समय से पहले रिहाई सुरक्षा और सामाजिक दोनों स्तरों पर समस्या पैदा कर सकती है।
Author1