रामपाल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, उम्रकैद की सजा पर लगी रोक
बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 2014 में कथित महिला अनुयायियों की मौत के मामले में सुनाई गई उमरकैद की सजा पर अदालत ने रोक लगा दी है, जिससे उनका जेल से रिहा होना संभव हुआ है।
➤ सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, उमरकैद की सजा पर रोक
➤ कोर्ट ने धार्मिक न्यासामने हुई महिला अनुयायियों की मौत से जुड़ी सजा पर रोशनी डालते हुए नया मुकदमा चलने का मार्ग प्रशस्त किया
➤ 74 वर्षीय रामपाल को अब जेल से बाहर आने का रास्ता आसान हुआ है, जिससे उनके अनुयायियों में उत्साह की लहर
हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल को हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2014 में आश्रम परिसर में हुई महिला अनुयायियों की मौत के मामले में उन्हें सुनाई गई उमरकैद की सजा पर रोक लगा दी है। अदालत ने इस फैसले में कई संवेदनशील कारकों को मद्देनजर रखा।
कोर्ट ने माना कि अपील लंबित होने के दौर में मेडिकल साक्ष्यों पर गंभीर बहस हो सकती है। साथ ही इस बात की ओर भी इशारा किया गया कि मृतका के पति और सास ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया, जो इस विवाद की एक नई परत कह सकता है। न्यायालय ने यह भी ध्यान में रखा कि रामपाल अब 74 वर्ष के हो चुके हैं और उन्होंने क़ानूनी तौर पर 10 साल 27 दिन जेल में बिताई है।
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित करने का आदेश पारित कर दिया, जिससे उनका बाहर आने का रास्ता खुल गया है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
Akhil Mahajan